भरतपुर : मजदूर पिता के बेटे‌ (रिंकू सिंह) ने रचा इतिहास, REET लेवल-1 में दूसरा स्थान किया प्राप्त

भरतपुर : मजदूर पिता के बेटे‌ (रिंकू सिंह) ने रचा इतिहास, REET लेवल-1 में दूसरा स्थान किया प्राप्त

भरतपुर : मजदूर पिता के बेटे‌ (रिंकू सिंह) ने रचा इतिहास, REET लेवल-1 में दूसरा स्थान किया प्राप्त


अगर आप में कुछ करने का जज्बा है तो आर्थिक परिस्थितियां कैसी भी हो आप अपने लक्ष्य को प्राप्त कर ही लेते हैं। ऐसे ही जज्बे से रीट लेवल प्रथम (reet level-1) में द्वितीय स्थान हासिल किया है नदबई के रिंकू सिंह ने जिनके पिता मजदूर है।


झलको न्यूज़, भरतपुर। राजस्थान की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा रीट (Reet Exam) आयोजन से लेकर ही विवादों में रही। लेकिन इसके परिणामों ने अभिजात्य वर्ग की भर्ती परीक्षा के टेग को सुधारने का काम किया है। गांव ढाणी से निकलकर मजदूर किसानों के बेटों ने परिणामों में शीर्ष स्थान प्राप्त किए हैं। इन्हीं में से एक है रिंकू सिंह जिन्होंने रीट लेवल प्रथम में द्वितीय स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।


 रिंकू सिंह (Rinku Singh) : जीवन परिचय

राजस्थान के पूर्वी छोर पर बसे भरतपुर जिले की नदबई तहसील के खटोटी गांव के एक पिछड़े परिवार में रिंकू सिंह का जन्म हुआ। रिंकू सिंह के श्री विजय सिंह पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं तो वहीं माता सरोज देवी ग्रहणी है।  


रिंकू सिंह (Rinku Singh) : शिक्षा

अपने गांव से स्कूली शिक्षा प्राप्त कर रिंकू सिंह ने वर्ष 2019 में बीएसटीसी की डिग्री हासिल की। बाल्यकाल में ही पढ़ाई में अव्वल रहे रिंकू प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जिला मुख्यालय भरतपुर आ गए। लेकिन शिक्षा से कुछ अर्जित करने से पहले उनके सम्मुख आर्थिक संकट आन खड़ा हुआ। पिता की मजदूरी से घर का चूल्हा चौका चलता है। इस विकट परिस्थिति में होनहार रिंकू का साथ दिया उनके दादा हरिदास व ताऊ राम राज‌ और भूप सिंह ने जो भरतपुर शहर में ही रह रहे हैं। 

रिंकू उनके मकान के पास ही कमरा लेकर पढ़ाई करते थे। इन्होंने रिंकू का कमरे का किराया भरा, कोचिंग फीस वहन की और अन्य जरूरतों को भी पूरा किया। 

भरतपुर आते ही रिंकू ने सेल्फ स्टडी के साथ कोचिंग कक्षाओं का सहारा लिया। निरंतर पढ़ाई करते हुए रीट लेवल प्रथम परीक्षा में 150 में से 146 नंबर प्राप्त कर द्वितीय स्थान हासिल करने में सफल रहे। इस सफलता ने उनके हौसलों को पर दिए अब वो भविष्य में RAS की तैयारी करेंगे।


अगर हम ठान लें कुछ करने की तो संसाधन अपने आप ही जुटते जाएंगे। लक्ष्य हासिल करने के लिए यह मायने नहीं रखता कि आप कहां के रहने वाले हैं, आपकी आर्थिक स्थिति कैसी है बल्कि यह आवश्यक है आप अपने लक्ष्य के प्रति कितने समर्पित है। 

रिंकू सिंह

Reet Level - 2,  2021 द्वितीय स्थान



रिंकू की सफलता प्रेरणा है उन लोगों के लिए जो आर्थिक विपन्नता के बावजूद कुछ हासिल करने का जज्बा रखते हैं। आपसे निवेदन है कि रिंकू सिंह की सफलता की कहानी हर उस दोस्त तक पहुंचाएं जो किसी न किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं।

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