हंसाते हंसाते रुला गया पालियो राजस्थानी | Jhalko Bikaner

 हंसाते हंसाते रुला गया पालियो राजस्थानी, नहीं रहे कलाकार सतपाल स्वामी


हंसाते हंसाते रुला गया पालियो राजस्थानी | Jhalko Bikaner


झलको न्यूज़,  हनुमानगढ़।

सिनेमा जगत के लिए आज बहुत बुरी खबर है। मशहुर काॅडेयिन पालियो राजस्थानी का निधन हो गया है, उनका असली नाम सतपाल स्वामी था। उनका जन्म 10 अप्रैल 1990 को साहित्यिक गतिविधियों के लिए मशहूर गाँव परलिका (हनुमानगढ) में हुआ था, वे कई दिनों से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे।

गौरतलब हैं कि लगभग 15 दिन पहले पानी की मोटर से करंट लग गया था। उसके बाद गंभीर हालात में सिरसा के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।हालात में सुधार नहीं होने पर उन्हें श्री गंगानगर के मेदांता अस्पताल में भर्ती करवाया गया लेकिन उनके स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं होने पर दो दिन पहले ही जयपुर के एक अस्पताल में ले जाया गया। जहां उन्होंने कल रात दम तोड़ दिया।

राजस्थानी के साहित्यकार रामस्वरूप किसान की कहानियों पर लघु फिल्मों का निर्माण करते हुए नवोदित कलाकारों के लिए मंच प्रदान किया, साथ ही राजस्थान भाषा को मान्यता के लिए होने वाले संघर्षों में उल्लेखनीय भागीदारी को हमेशा याद किया जाएगा।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सतपाल स्वामी एक सामान्य किसान परिवार से संबंध रखते थे। जन्म लेते ही उनके सिर से पिताजी का साया उठ गया। मां, मामा, नाना ने उनका पालन-पोषण किया। बड़े भाई ने मेहनत करके सतपाल को स्कूल में भेजना शुरू किया। उनके एक बेटा व एक बेटी हैं और थोड़े ही समय में जाना-माना चेहरा बन चुके थे। उन्होंने हास्य कला से लोगों को खूब प्रभावित किया और लाखों लोगों के दिलों में जगह बनाई। देखते ही देखते हास्य के नामचीन कलाकर ख्याली सहारण, मुरारी पारीक, राजियो रबियो व हरियाणा के कलाकारों संजीत, सपना चौधरी व अंजली राघव आदि के साथ जुड़ गया। सपना चौधरी व अन्य कलाकारों के लिए भी न केवल अभिनय बल्कि लोकेशन, कैमरा चलाना एवं ऑनलाइन तकनीक की जानकारी से खुद को लैस कर लिया।

हम सभी उनके निधन पर गहरे शोक का इजहार करते हैं और उनके परिजनों के लिए संवेदनाऐं प्रेषित करते हैं।

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