अनोखा मकान : न इंट लगी न पत्थर, सीमेंट के कट्टों से बना डाला वातानुकूलित मकान

 अनोखा मकान : न इंट लगी न पत्थर, सीमेंट के कट्टों से बना डाला वातानुकूलित मकान, बना आकर्षण का केन्द्र


बीकानेर संभाग के चूरु जिले के अंतर्गत मगरासर गांव के रहने वाले एक किसान ने अपनी उन्नत तकनीक के सहारे ऐसा मकान खड़ा कर दिया है जो आकर्षण का विषय बना हुआ है। लोग सेल्फी रहे हैं, वीडियो बना रहे हैं और सोशल मीडिया पर चौतरफा अनोखे मकान की चर्चा हो रही है। 

अनोखा मकान : न इंट लगी न पत्थर, सीमेंट के कट्टों से बना डाला वातानुकूलित मकान, बना आकर्षण का केन्द्र
सीमेंट के कट्टों से निर्मित वातानुकूलित मकान


भारत में टैलेंट की कोई कमी नहीं है बस जरूरत है हुनर को तराशने की। कहा गया है आवश्यकता आविष्कार की जननी है और यह सत्य भी है। अपनी आवश्यकता के अनुरूप मनुष्य हर समस्या का हल किसी न किसी प्रकार ढूंढ ही लेता है। भारत के उत्तर पश्चिम में बसे राजस्थान के लोग हर तीसरे वर्ष प्राकृतिक संकट के चलते रेतीले धोरों के मध्य अभावों में रहने के आदी से हो गए हैं परंतु यहां के लोग अभावों में भी जीवन आनंद से जीते हैं। अक्सर राजस्थानियों के बारे में कहा जाता है व्यवसाय और जुगाड़ में मारवाड़ियों का कोई मुकाबला नहीं। ऐसे ही जुगाड़ तकनीक से मारवाड़ी इमेज ने एक मकान बना डाला। मकान की खासियत यह है कि इसमें न तो पत्थर लगा है और ना ही ईंट, केवल सीमेंट के कट्टों के सहारे खड़ा कर दिया अपने सपनों का महल।


चूरू के रहने वाले एक किसान ने कम लागत में मकान बनाने की सोची तो उसके दिमाग में एक आइडिया आया क्यों न मिट्टी से टिकाऊ मकान बनाया जाए। जो कम लागत में बन भी जाए और टीकाऊ व वातानुकूलित भी हो। सबसे पहले मकान की नींव भरी। फिर सीमेंट व्यवसाई से सीमेंट के कट्टे लाकर उनमें मिट्टी व पिळ्ळी भरी और दीवारों में ईंट की जगह सीमेंट कट्टे का ओसार लगा दिया। जहां खिड़की रखनी थी वहां इंट लगा दी और हवा के लिए रोशनदान की जगह लकड़ी का गोला जिसे बाद में कट्टर की सहायता से काटा‌ जा सके। 21 कट्टों के ओसार से बने इस मकान में एक बेड व सोफा भी बनाया‌ जाएगा जो मिट्टी का होगा। उन्नत तकनीक से बना यह घर निपाई/प्लस्तर के बाद बिल्कुल दूसरे घरों की तरह ही दिखेगा। खास बात यह है किस लाइट‌ से लेकर वो सभी चीजें व्यवस्थित रूप में होगी जो ईंट से बने मकान में होती है।


मिट्टी के इस महल की खासियत यह है कि यह वातानुकूलित है। मिट्टी से बने होने के कारण गर्मियों में ठंडा और सर्दियों में गरम रहेगा। मकान बनाने वाले किसान का कहना है कि पूर्व में राजस्थान में सभी मिट्टी से बने घरों में रहते थे लेकिन आज पता नहीं क्यों मिट्टी से घर नहीं बना रहे हैं। चौतरफा कंक्रीट के जंगल खड़े किए जा रहे हैं इन सब के मध्य हमने कम लागत में टिकाऊ और वातानुकूलित मकान बनाया है जो अपने आप में अनोखा है शायद इस मकान को देखकर अन्य लोग भी ऐसे मकान बनाने का सोचेंगे।

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